PM lays foundation stone for several major highway projects at Udaipur

Prime Minister, Shri Narendra Modi, today inaugurated, and laid the foundation stone, of several major highway projects at Udaipur in Rajasthan. Speaking on the occasion, the Prime Minister said he is delighted to be in the "Veer Bhumi" of Mewar. The Prime Minister assured people affected by natural calamities, that the Union Government stood by them at this hour of difficulty, and expressed confidence that the people would overcome the challenges, and march forward with even greater vigour.
The Prime Minister said that projects worth over 15000 crore are either being Inaugurated, or initiated (foundation stone being laid) today, in a single function. The Prime Minister said that infrastructure projects are crucial to the progress of the country. He said India can no longer afford delay in infrastructure projects, especially connectivity projects. He said projects such as roads, infuse new energy in the lives of the people. The Prime Minister recalled the Golden Quadrilateral initiated by former Prime Minister Shri Atal Bihari Vajpayee, and said it benefited farmers by connecting them to markets. He said Rajasthan could benefit a lot from tourism, through better infrastructure connectivity, which would bring in employment.
The Prime Minister spoke about the Pradhan Mantri Ujjwala Yojana, under which LPG connections are being given to rural households, which will especially benefit women. The Prime Minister said GST had hugely benefited the nation's economy, by eliminating long waiting times at inter-state borders. The Prime Minister later visited the Pratap Gaurav Kendra, which celebrates the life, valour and achievements of Maharana Pratap, the great King of the erstwhile kingdom of Mewar. 

सवाई भोज मंदिर के महंत भूदेव दास का निधन

भीलवाड़ा के आसींद स्थित सवाई भोज मंदिर के महंत भूदेव दास जी का निधन हो गया है। उन्होंने गुर्जर समाज के समाज सुधारक के रुप मे भी कई कदम उठाए तथा समाज को आगे बढ़ाने में बहुमूल्य योगदान दिया। उनका निधन गुर्जर समाज तथा मानवता के लिए बड़ी क्षति हैं जिसे पूरा नहीं किया जा सकता। उनका अंतिम संस्कार 30 अगस्त को दोपहर में आसीन्द में किया जायेगा।
मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने भीलवाड़ा के आसींद स्थित सवाई भोज मंदिर के महंत भूदेव दास जी के देवलोकगमन पर शोक व्यक्त किया है।  श्रीमती राजे ने अपने संवेदना संदेश में कहा कि महंत भूदेव दास जी मानव मात्र के कल्याण और उत्थान के लिए सदैव समर्पित रहे। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय महंत जी ने सामाजिक जनचेतना जाग्रत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनका निधन समाज के लिए एक बड़ी क्षति है। मुख्यमंत्री ने सभी श्रद्धालुओं को यह आघात सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

जयपुर व टोंक जिले के लिए सेना भर्ती रैली 3 से 14 दिसम्बर तक आमेर में

जयपुर एवं टोंक जिले के युवा अभ्यर्थियों के लिए सेना भर्ती रैली का आयोजन 3 दिसम्बर से 14 दिसम्बर, 2017 तक सीआईएसएफ ग्राउंड कुण्डा आमेर में किया जाएगा। सेना भर्ती रैली के निदेशक कर्नल विक्रम सिंह पठानियां ने बताया कि इस सेना भर्ती के लिए जयपुर व टाेंक जिले के उम्मीदवारों का ऑनलाईन रजिस्टे्रशन एक सितम्बर, 2017 से 15 अक्टूबर, 2017 तक होगा। यह रजिस्टे्रशन भारतीय सेना की वेबसाईट www.joinindianarmy.nic.in पर करवाया जा सकता है। उम्मीदवारों को उनके प्रवेश-पत्र संबंधित ई-मेल आईडी पर 17 अक्टूबर, 2017 को भेज दिए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अपने प्रवेश-पत्र को लेजर प्रिन्टर द्वारा ही प्रिन्ट करें, साथ ही इसे मोड़े नहीं क्योंकि इन पर अंकित बार कोड नम्बर का मशीन द्वारा रैली में प्रवेश के समय सत्यापन किया जाएगा।  

Rajasthan signs JV pact with HPCL for Barmer refinery

Rajasthan government on 17th August signed an agreement with the Hindustan Petroleum Corporation Ltd (HPCL) to form a joint venture company to set up a Rs 43,129 crore petroleum refinery-cum-petrochemical complex in the state's Barmer district. The Union government had given approval to the project on Wednesday. As per the agreement, HPCL will hold 74 per cent and the state government 26 per cent partnership in the new firm to be known as HPCL Rajasthan Refinery Ltd (HRRL).
Chief Minister Vasundhara Raje witnessed the signing ceremony at CM residence when Principal Secretary Mines and Petroleum Aparna Arora and Director (Finance) of HPCL J Ramaswami signed the joint-venture agreement respectively on behalf of the state government and the HPCL. She directed the officials to proceed further on the project on equally fast pace as soon as the environmental clearance was received from the Union Ministry of Environment. As per the proposed plan, the refinery project would be established in a 4,813 acres of land area. Tender process for the boundary wall for this has been initiated. The entire construction work of this project would be finished in record time of four years.

Maheshwari Chauhan wins bronze at Asian Shotgun Championship

Shooter Maheshwari Chauhan clinched a bronze medal in the women's skeet event of the Asian Shotgun Championship in Astana, Kazakhstan, last evening. The 21-year-old shot 40 in the finals to hand India its first women's skeet individual medal at a top international competition in Astana. Maheshwari made it to the knockouts by topping the qualification round with a score of 6875 on 11th August. 
She led a group of six shooters into the final round. Among them was teammate Rashmmi Rathore who qualified sixth with a score of 64. It was a quality top six in the final rounds having the likes of Olympic finalists and World Cup Gold medalists Meng Wei of China and Sutiya Jiewchaloemmit of Thailand among others. Meng is currently ranked four in the world while Sutiya is ranked fifth.
Maheshwari Chauhan is from Jalore district of Rajasthan and we are pround of her success

सांवरलाल जाट - किसान परिवारों ने अपना बेटा खो दिया

प्रो सांवरलाल जाट असल मायने में गुदड़ी के लाल थे। राजस्थान के एक साधारण किसान परिवार में जन्में सांवरलाल ग्रामीणों, गरीबों एवं किसानों के सच्चे मसीहा ही नहीं, भारतीय राजनीती में अपने सादे जीवन और जमीन से जुड़े होने के कारण एक श्रेष्ठ मिसाल थे। सांवरलाल जाट एक बहुत साफ़गो इंसान थे, एक किसान और ज़मीन से जुड़े नेता। उन्हें बेईमान राजनेताओं जैसी धूर्त हसीं एवं बेईमानी भरी चालाक भाषा नहीं आती थी। प्रोफेसर सांवरलाल जाट ने जीवन की शुरुआत बतौर कॉलेज व्याख्याता के रूप में की। मौजूदा फ़ेसबुक, ट्विटर, सूट-बूट एवं लेनिन के कड़क सफ़ेदी लिए महंगे वस्त्रों  वाले नेताओं के बीच बिना किसी सूट-बूट या डिज़ाइनर राजस्थानी वर्दी के सांवरलाल जाट ठेठ राजस्थानी ग्रामीण धोती साफे में रहने वाले गुदड़ी के लाल सही मायनों में आजीवन एक आम किसान ही थे। वे विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे, लेकिन एक किसान की तरह जिए और ऐसे ही राजनीति की। वे कभी चबा-चबाकर नहीं बोले एवं यही उनके जीने की शैली रही।
सांवरलाल जाट का राजनीतिक सफर
साँवरलाल जाट का जन्म 1 जनवरी 1955 को राजस्थान के अजमेर जिले के गोपालपुरा गाँव में हुआ था। उन्होंने वाणिज्य में स्नातकोत्तर करने के बाद राजस्थान विश्वविद्यालय में शिक्षक का कार्य भी किया था। वे सोहलवीं लोकसभा में अजमेर लोकसभा संसदीय क्षेत्र से भाजपा के सांसद थे। 20 दिसम्बर 2013 को उन्होंने राजस्थान के केन्द्रिय मंत्री की शपथ ग्रहण की। सांवर लाल का निधन 9 अगस्त 2017 को राजधानी दिल्ली में एक अस्पताल में हो गया। जब सांवरलाल जाट केंद्र में चमचमाते मोदी सरकार के मंत्रिमंडल से हटाए और वसुन्धरा सरकार ने उन्हें राजस्थान किसान आयोग का अध्यक्ष बनाया, तब उन्होने किसान आयोग को असल में किसानों की जगह बनाई अन्यथा यह केवल सरकारी बाबुओं का एक किसान प्रवेश निषेध कार्यालय ही बनकर रह गया था। सांवरलाल जाट के नवीन राजस्थान किसान आयोग दफ्तर की फिजा ही अलग थी यहाँ आप साफा पहने हुए किसान भी आसानी से देख सकते थे जिनमें हर कौम के किसान थे। अब शायद राजस्थान किसान आयोग फिर से ग्रामीण किसानों की पहुँच से दूर हो जाये तो कोई नई बात नहीं होगी।
किसान परिवारों ने अपना बेटा खो दिया
राजस्थान के किसान परिवारों ने निश्चित ही सांवरलाल जाट के रूप में अपना एक बेटा खो दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री, राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष व सांसद श्री सावंरलाल जाट के निधन के साथ ही राजस्थान के किसानों की एक आवाज सदा के लिए बंद हो गयी। अगर सावंरलाल जी जाट के परिवार जनों के बाद आज सबसे अधिक क्षुब्ध है तो वो हैं, राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों के किसान जिनका सरकार के साथ एक संवाद पुल ख़त्म हो गया। सावंरलाल जाट दलगत राजनीती से परे सदैव किसानों एवं ग्रामीणों के हितेषी रहे है। सावंरलाल जाट की जयपुर से गोपालपुरा, अजमेर के बीच श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा किसानों एवं ग्रामीणों का जनसमूह उनके प्रति अपनेपन एवं प्यार का सबूत है। अजमेर संभाग के ग्रामीण क्षेत्र में 9 अगस्त को अचानक सुबह-सुबह सभी टीवी खोलते नज़र आये हमने में सही जानकारी के लिए टीवी खोला लेकिन वहां बीजेपी-कांग्रेस की गुजरात राज्यसभा के लिए खरीद-फरोख्त खबरें ही सरपट दौड़ रही थी, कुछ समय बाद शायद कोई प्रेस विज्ञप्ति के बाद ब्रेकिंग न्यूज चली लेकिन गावों में किसानों को आधे घंटे पहले ही पता चल गया था कि आज किसान परिवारों ने अपना एक बेटा खो दिया है या यूँ कहें राजस्थान की राजनीति में किसान राजनीति का अंतिम जिम्मेदार योद्धा अब नहीं रहा। 
दलित राजनीती की नई डगर 
एक सबसे बड़ी सीख अगर भाजपा एवं अन्य पार्टियों के नेताओं एवं आलाकमान को सांवरलाल जाट से लेनी हो तो वो है दलित राजनीती, जिसे राजनीतिक पार्टियां केवल नारों एवं जुमलों से साधने का प्रयास कर रही है। सांवरलाल जाट का एक प्रमुख वोट बैंक था दलित समाज जिसके वे बिना किसी नारे के सबसे नज़दीक थे या यों कहे उनके प्रमुख विश्वासपात्र दलित समाज के मित्र एवं कार्यकर्त्ता ही थे। अगर किसी राजनेता को सही मायने में दलित समाज का भला करना है तो वो फोटो-सैशन, जुमलों एवं बाबासाहेब अम्बेडर जी के गुणगान करके नहीं दलित समाज के साथ आत्मीयता के सम्बन्ध बनाने एवं साथ चलने से होता है। वे एक जाट थे एवं 36 कौम के सर्वमान्य नेता थे।  यह हरयाणा बीजेपी के कुछ संकीर्ण मानसिकता के साथ 35 कौम के नारे देने वाले छुटभैये नेताओं के लिए एक सीख भी है। 
राजनेताओं को सीख 
वे एक सज्जन और स्पष्टवादी इनसान थे साथ ही सरल व्यव्हार एवं साफ़गोई से बात रखने वाले राजनेता थे। वे अहम् मुद्दों पर आजकल के शातिर राजनेताओं की तरह धूर्तता से झूठ बोलने, भ्रामक प्रचार एवं सवालों से कन्नी काटकर बचने वाले राजनेताओं की तरह नहीं थे, आप उनसे जब चाहे मिल सकते थे एवं एक सच्चा जवाब पा सकते थे। जाति, धर्म एवं सांप्रदायिक ताकतें सांवरलाल जाट से स्वतः ही खौफ खाते थे, वे सही मायने में सबका साथ, सबका विकास को बिना किस जुमले एवं प्रचार के जीवन में अपनाने वाले व्यक्ति थे। अपने 30 साल से अधिक के राजनीतिक सफर में वे एक सच्चे एवं ईमानदार राजनेता थे, वरना आजकल तो छुटभैये नेता भी सफेदपोश बन अवैध खनन, जमीन हड़पना, कब्जे करना एवं धार्मिक वैर-वैमन्य फैलाना सरीखे कार्यों को राजनीती की पहली सीढ़ी समझते हैं जो निश्चित ही निंदनीय हैं एवं राजनेताओं को जनता से दूर ले जा रही है। आशा करते हैं, इस माटी के लाल सांवरलाल से सभी राजनेता कुछ सबक लेंगें। 

प्रो. सांवरलाल जाट का अंतिम संस्कार मुख्यमंत्री ने प्रो. जाट को दी अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे, केन्द्र व राज्य के कई मंत्रियों तथा हजारों लोगों ने गुरूवार को नम आंखों से पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष प्रो. सांवरलाल जाट को अंतिम विदाई दी। प्रो. जाट के पैतृृक गांव अजमेर के गोपालपुरा में राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंत्येष्टि की गई। उनका बुधवार को नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया था। श्रीमती राजे ने प्रो. जाट के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और दु:ख की इस घड़ी में उन्हें सम्बल प्रदान करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रो. जाट के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की ओर से राज्यसभा सांसद श्री भूपेन्द्र यादव ने पुष्पचक्र अर्पित किया।
किसान नेता के रूप में विख्यात रहे प्रो. जाट का पार्थिव शरीर गुरूवार को जयपुर से उनके पैतृक गांव गोपालपुरा लाया गया था। इस बीच रास्ते में दर्जनों स्थानों पर जन समूह ने अपने प्रिय नेता के अंतिम दर्शन कर उन्हें विदाई दी। गोपालपुरा में उनके निवास पर धार्मिक रीति रिवाज के बाद पार्थिव शरीर को गांव में ही श्मशान स्थल पर लाया गया। जहां हजारों लोगों ने सांवरलाल अमर रहे,  जब तक सूरज चांद रहेगा, सांवरलाल तेरा नाम रहेगा, अजमेर का एक ही लाल सांवरलाल-सांवरलाल जैसे नारों के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी। प्रो. जाट के पार्थिव शरीर को उनके पुत्र कैलाश और रामस्वरूप सहित अन्य परिजनों ने मुखाग्नि दी। मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने गोपालपुरा पहुंचकर प्रो. जाट की धर्मपत्नी श्रीमती नर्बदा देवी से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। 

Former Union minister Sanwarlal Jat passes away at 62

Sanwar Lal Jat (62), former Union Minister and BJP MP from Ajmer, passed away at 6.15 a.m. on Wednesday at the All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) in New Delhi, a senior official of the hospital said. According to doctors at the AIIMS, Mr. Jat had a cardiac arrest, which caused a damage to his brain and he was on ventilator. Mr. Jat had served as Minister of State for Water Resources in the Narendra Modi government.
Prime Minister Modi condoled with the passing away of the leader. “Anguished by the demise of MP & former Union Minister, Shri Sanwar Lal Jat. This is a big loss for the BJP & the nation. My condolences,” he tweeted. Mr. Modi also said Mr. Jat worked extensively for the wellbeing of villages and farmers. The BJP MP collapsed during a meeting chaired by party president Amit Shah in Jaipur last month. He was admitted to the Intensive Care Unit (ICU) of Sawai Man Singh Hospital there and later airlifted to the AIIMS.