जयपुर, 23 मार्च। शिक्षा राज्य मंत्री श्री वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को विधानसभा में स्कूल व्याख्याता भर्ती के विषय पर कार्मिक विभाग की परीक्षण रिपोर्ट आने के बाद जल्द ही काउन्सलिंग कर पदस्थापन किया जाएगा। सरकार स्कूल व्याख्याता भर्ती के लिए संवेदनशील है। श्री देवनानी ने विधानसभा में इस सम्बन्ध में उठाए गए मुद्दे पर हस्तक्षेप करते हुए बताया कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि कुल स्कूल व्याख्याताओं के 47 हजार 328 पद स्वीकृत है, जिसमें से 16 हजार 842 पद खाली है। जिसके आधार पर सरकार वर्ष 2015 में 13 हजार 98 पदों को विज्ञापित किया गया था। उन्होंने बताया कि 16 अक्टूबर, 2015 को राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा स्कूल व्याख्याता भर्ती की परीक्षा करवाई गई और 2016 में परीक्षा का परिणाम जारी किया गया था। शिक्षा राज्यमंत्री ने बताया कि इन सब खाली पदों में 50 प्रतिशत डीपीसी द्वारा व 50 प्रतिशत सीधी भर्ती द्वारा भरे जाते हैं।
शिक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा से वर्ष 2016-17 की डीपीसी करवा दी गई थी एवं वर्ष 2017-18 की भी डीपीसी तुरन्त अप्रेल, 2017 में करवाई जाएगी। उन्होंने कहा कि जुलाई, 2016 के परीक्षा परिणाम के आते ही राज्य सरकार ने तुरन्त नियुक्तियां देनी शुरू की थी जिसमें 1 हजार 150 व्याख्याताओं की नियुक्ति दे दी थी, परन्तु इसी दौरान प्रश्न पत्र के विवाद को लेकर परीक्षार्थी न्यायालय में गए व उच्च न्यायालय स्थगन देने के कारण ये नियुक्तियां रुकी हुई हैं। 8 फरवरी, 2017 को उच्च न्यायालय ने स्थगन/याचिका खारिज कर दी है। उन्होंने बताया कि हमने उससे पहले और विषयों की काउन्सलिंग करवा दी थी, लेकिन इसी दौरान इस सम्बन्ध में उच्चतम न्यायालय का अन्तरिम आदेश हो गया है। राज्य सरकार सारी परिस्थितियों का कार्मिक विभाग से परीक्षण करवा रही है। विभाग से रिपोर्ट आने के बाद काउन्सलिंग कर जल्द से जल्द पदस्थापन की कार्यवाही की जाएगी।
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